“स्किलिंग इंडिया” भारत के माननीय प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में विभिन्न सेवा एवं विनिर्माण क्षेत्रों में बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है। यह प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2020 तक 50 करोड़ कुशल श्रमशक्ति तैयार करना है। नवीकरणीय ऊर्जा इन लक्षित क्षेत्रों में से एक है, और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान, राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) को नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देशभर में विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में NISE और उसके भागीदार संस्थानों द्वारा भारत भर में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
NISE के कौशल विकास प्रभाग के अंतर्गत कार्यक्रमों की सूची:
सूर्यमित्र
NISE सौर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में स्थापना, कमीशनिंग, संचालन एवं रखरखाव के लिए कुशल तकनीशियन तैयार करने हेतु “सूर्यमित्र” प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन कर रहा है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 10+2 उत्तीर्ण, ITI/डिप्लोमा धारकों को फील्ड तकनीशियन के रूप में प्रशिक्षित करना है, ताकि वे देशभर में राष्ट्रीय सौर मिशन (NSM) के कार्यक्रमों को क्रियान्वित कर सकें। NISE राज्य नोडल एजेंसियों (SNAs) के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने वाले संस्थानों का एक नेटवर्क चिन्हित कर रहा है, उन्हें धनराशि उपलब्ध करा रहा है, तथा सही क्रियान्वयन के लिए उनकी निगरानी भी कर रहा है। इसके अतिरिक्त, NISE एक उदाहरण प्रस्तुत करने के उद्देश्य से अपने स्वयं के परिसर में भी सूर्यमित्र कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है।
NISE में कौशल विकास गतिविधियाँ
NISE पिछले दो दशकों से राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा का प्रशिक्षण आयोजित कर रहा है। नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग में नए भर्ती हुए कर्मचारियों में कौशल की कमियों की पहचान करने के लिए NISE नियमित रूप से सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा उद्योग के लोगों को आमंत्रित करता है और उनके साथ संवाद करता है। वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के लिए नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकियों पर एक समर्पित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी वर्ष में तीन बार आयोजित किया जाता है। इस वर्ष NISE द्वारा लगभग 50 कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे।